क्या सार्वजनिक स्थानों पर थूकना हमारी आदत नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या बन चुका है?जगरनाथ न्यूज़24, डेस्क।सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की बढ़ती प्रवृत्ति पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर थूकना एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) से कहा कि यदि जुर्माना बहुत कम रहेगा तो लोगों में कानून का डर नहीं होगा। इसलिए थूकने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को ₹250 से बढ़ाकर ₹2500 करने पर विचार किया जाए, ताकि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से गंदगी फैलती है और कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाए रखने में सहयोग करे।जगरनाथ न्यूज़24 की अपील:आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छ भारत के संकल्प को मजबूत करें। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने जैसी आदतों से बचें, दूसरों को भी जागरूक करें और अपने शहर व गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में योगदान दें।
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