इंडोनेशिया के प्रांबानन मंदिर में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की पूजा-अर्चना, भारत-इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विरासत को मिला नया आयामएंकर स्क्रिप्टनमस्कार, आप देख रहे हैं जगन्नाथ न्यूज़ 24×7।मैं हूँ आपका अपना साथी। आज की इस विशेष रिपोर्ट में बात करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के उस ऐतिहासिक पल की, जब विश्व प्रसिद्ध प्रांबानन हिंदू मंदिर में "ॐ नमः शिवाय" के दिव्य मंत्रों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर ने भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान की।इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित 9वीं शताब्दी के प्राचीन प्रांबानन मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर का भ्रमण किया। मंदिर पहुंचते ही पूरा वातावरण "ॐ नमः शिवाय" के मंत्रोच्चार से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्त मंदिर परिसर में उपस्थित थे। सभी श्रद्धालु हाथ जोड़कर, आंखें बंद कर भगवान शिव का स्मरण कर रहे थे। मंदिर में बजती घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं भी मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति के साथ हाथ जोड़कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा-अर्चना में भाग लिया और मंदिर के इतिहास, स्थापत्य कला तथा धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक अवसर का 28 सेकंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा—"इंडोनेशिया के प्रांबानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय।"इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ बैठकर भगवान शिव का मंत्र जाप कर रहे हैं। यह दृश्य भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की वैश्विक पहचान का प्रतीक बन गया।मंदिर भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रांबानन मंदिर परिसर का अवलोकन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई और दोनों नेताओं को आशीर्वाद प्रदान किया।मंदिर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक और संदेश साझा करते हुए लिखा—"राजसी प्रांबानन मंदिर।"उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी तस्वीर भी साझा की और लिखा कि दोनों नेता विश्व प्रसिद्ध प्रांबानन मंदिर का दौरा कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए भी कहा था कि वे राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर का भ्रमण करेंगे। यह मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने प्रांबानन मंदिर संरक्षण एवं पुनर्स्थापन (रिस्टोरेशन) परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस पहल को भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच हजारों वर्षों से सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। प्रांबानन मंदिर की यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का सशक्त संदेश है।विश्वभर में बसे सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण माना जा रहा है। "ॐ नमः शिवाय" के मंत्रों की गूंज ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा आज भी विश्व मंच पर सम्मान के साथ स्थापित है।
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